फसल की बुवाई के समय किसानों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि डीएपी (DAP) और एनपीके (NPK) में से कौन सा खाद ज्यादा ताकतवर और फायदेमंद है। यहाँ इन दोनों खादों के अंतर, उपयोग के तरीके और फायदों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है:
डीएपी (DAP) और एनपीके (NPK) में मुख्य अंतर:
डीएपी (DAP – 18:46): इसमें 18% नाइट्रोजन और 46% फास्फोरस होता है। यह पौधे की शुरुआती वृद्धि (Initial Growth) और जड़ों के विकास के लिए अच्छा है। इसमें पोटाश नहीं होता।
एनपीके (NPK – 12:32:16): इसमें 12% नाइट्रोजन, 32% फास्फोरस और 16% पोटाश होता है। इसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस के साथ-साथ पोटाश भी मिलता है, जो पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और फसल को मजबूती देता है।
कौन सा खाद ज्यादा पावरफुल है?
विशेषज्ञों के अनुसार, एनपीके 12:32:16 डीएपी के मुकाबले ज्यादा संतुलित और फायदेमंद माना जाता है। पोटाश की मौजूदगी के कारण यह छोटे पौधों को भी रोगों से लड़ने की शक्ति देता है और फसल जल्दी तैयार करने में मदद करता है। डीएपी केवल नाइट्रोजन और फास्फोरस की पूर्ति करता है, जबकि एनपीके पौधे को तीनों मुख्य पोषक तत्व प्रदान करता है।
खाद डालने का सही तरीका:
चाहे आप डीएपी डालें या एनपीके, इनका जमीन के अंदर जाना बहुत जरूरी है।सीडलिंग विधि: बीज के साथ मशीन के जरिए खाद को जमीन में डालें।
जुताई के समय: यदि मशीन नहीं है, तो अंतिम कल्टीवेटर (जुताई) चलाने से पहले खेत में खाद का छिड़काव करें और फिर जुताई करें ताकि खाद मिट्टी के अंदर चली जाए।
सावधानी: बीज की बुवाई के बाद ऊपर से खाद डालना प्रभावी नहीं होता क्योंकि वह पौधे की जड़ों तक सही तरीके से नहीं पहुँच पाता।
कीमत और उपलब्धता:
डीएपी: इसकी एक बोरी (50 किलो) की कीमत लगभग 1350-1450 रुपये के आसपास होती है।
एनपीके (12:32:16): इसकी कीमत भी डीएपी के लगभग बराबर (1850 से 1950 रुपये) ही रहती है।
इफको (IFFCO) जैसी सरकारी कंपनियां इन पर सब्सिडी प्रदान करती हैं, जिससे किसानों को ये किफायती दरों पर उपलब्ध होते हैं।
निष्कर्ष:
अगर आपके पास विकल्प हो, तो एनपीके 12:32:16 का चुनाव करना फसल के लिए ज्यादा बेहतर है। यह फसल को शुरू से ही मजबूत बनाता है। आप अपने खेत के एक हिस्से में डीएपी और दूसरे में एनपीके डालकर खुद इनके परिणामों के अंतर को देख सकते हैं।



