गेहूं की रिकॉर्ड तोड़ पैदावार: 1 बीघे में 55 मन तक उत्पादन देने वाली खास वैरायटी

गेहूं की रिकॉर्ड तोड़ पैदावार: 1 बीघे में 55 मन तक उत्पादन देने वाली खास वैरायटी ; गेहूं की खेती करने वाले किसानों के लिए बीज का सही चुनाव सबसे महत्वपूर्ण होता है। राजस्थान के करौली जिले के एक प्रगतिशील किसान ने अपने अनुभव साझा करते हुए एक ऐसी वैरायटी के बारे में बताया है जिसने पैदावार के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस वैरायटी का नाम है ‘निजू विडू सीड्स की कविता 2084’ (Kavita 2084)।

इस वैरायटी की मुख्य विशेषताएं:

शानदार उत्पादन: किसान के अनुभव के अनुसार, पिछले साल उन्होंने 1 बीघे में लगभग 50 से 55 मन (राजस्थान के मानकानुसार) गेहूं प्राप्त किया था।पौधे की ऊंचाई और मजबूती: पौधे की लंबाई करीब 4 से 4.5 फीट तक होती है। अच्छी ऊंचाई होने के बावजूद यह फसल गिरती नहीं है, जो इसकी सबसे बड़ी खूबी है।लंबी बालियां: गेहूं की बाली की लंबाई लगभग 5 से 6 इंच तक होती है, और एक ही बाली में 85 से 95 दाने तक मिल जाते हैं।भूसे की अधिक पैदावार: पौधे की अच्छी हाइट होने के कारण गेहूं के साथ-साथ पशुओं के लिए चारे (भूसे) की मात्रा भी डेढ़ गुना तक अधिक मिलती है।

दाने की गुणवत्ता: इसके दाने मोटे, चमकदार और वजनदार होते हैं। लंबे समय तक स्टोर करने के बाद भी इसकी चमक फीकी नहीं पड़ती, जिससे मंडी में अन्य किस्मों के मुकाबले लगभग ₹50 प्रति क्विंटल तक अधिक भाव मिलने की संभावना रहती है।

खेती के लिए जरूरी सुझाव:

फूटान (Tillering): इस किस्म में पहले पानी (बुवाई के 20-25 दिन बाद) के समय ही जबरदस्त फूटान देखने को मिलती है। एक ही बीज से कई कल्ले निकलते हैं।सिंचाई: भूरी या रेतीली मिट्टी में इसे 5 से 6 पानी की आवश्यकता होती है, जबकि काली मिट्टी वाले क्षेत्रों में यह 2 से 3 पानी में भी अच्छी पैदावार दे सकती है।पकने की अवधि: यह फसल लगभग 120 दिनों में पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार हो जाती है।

किसान भाई अगर ज्यादा पैदावार और अधिक चारे की तलाश में हैं, तो ‘कविता 2084’ एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। समय पर बुवाई, उचित खाद और सही समय पर सिंचाई इस रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन को पाने की कुंजी है

Leave a Comment